मेरे साथ हास्टल में रूम पाटर्नर थी वो लड़की. छरहरी काया, साधारण नयननक्श, लेकिन गोरा तन. भारतीय जनमानस के लिए सुंदरता के सबसे बड़े फारमेट ‘गोरा तन’ में फिट थी वो. जब से आयी थी ब्वायफ्रेंड के बहुत किस्से थे उसके पास. मुझसे कहती- दी आप बोरिंग आइटम हो किताबों की दुनिया से बाहर आओ बाहर सब कुछ बहुत सुंदर और सेक्सी है.अकसर बड़ी गाड़ियां उसे छोड़ने आती. महंगे गिफ्ट उसके शौक में शामिल थे. एक दिन वो बहुत खुश होकर आयी. मैंने खिड़की से देखा लंबी सी कार से आयी थी वो. कमरे में आकर लिपट गयी मुझसे, उसके हाथ में दो गिफ्ट थे, जो उसे अलग-अलग लड़को ने दिये थे.
मैंने पूछा उससे तू मैनेज कैसे करती है इन्हें? अगर इनमें से किसी ने तुझे दूसरे के साथ देख लिया तो? सड़क पर तेरी बेइज्जती कर दी तो? वह मुस्कुराई और कहा-दी आप जानती नहीं इन साले लड़कों को, इन्हें जो चाहिए मैं देती हूं. किसी को मेरे होंठों की प्यास है तो किसी को...ज्यादा से ज्यादा क्या करेंगे? सेक्स ही तो करेंगे ना! मै बोरिंग आइटम उसकी बात सुनकर भक्क रह गयी थी और वह मुस्कुरा कर वाशरूम चली गयी...
रजनीश आनंद
10-12-16